Output Device क्या है ?

जिस उपकरण की सहायता से CPU से आने वाली सूचनाओं या परिणामों को हम प्राप्त कर सकते हैं उस डिवाइस को हम Output Device कहते हैं। कम्प्युटर सेप्राप्त परिणाम  Output Device दो प्रकार के होते हैं-

Output Devices
Output Devices

(1) Soft Copy

(2) Hard Copy

Soft Copy

यदि परिणाम से प्राप्त सूचनाओं को किसी प्रोग्राम माध्यम से Screen पर देखा जा सके किया जा सके या आवाज के रूप में प्राप्त किया जा सके तथा जिसे बार बार परिवर्तित भी किया जा सके जो कम्प्यूटर या मेमोरी के अन्दर स्टोरर रहतीहो या दिखाई देती हो उसे सॉफ्ट कॉपी कहते है।

Hard Copy

जिन परिणामों या आउटपुट को किसी कागज के माध्यम से या अन्य माध्यम से अपने हाथों से स्पर्श कर सकें इसे हार्ड कॉपी कहते है।

Monitors Output Device (मोनिटर) :-

Output उपकरणों में सबसे अधिक काम आने वालाउ उपकरण मॉनीटर हैं यह Main Output Device हैं User Monitor के द्वारा ही कम्प्युटर से संवाद करता है। कम्प्यूटर पर हो रहे कार्यों को मोनीटर पर ही दर्शाया जाता है। मोनीटर को VDU (Visual Display Unit) भी कहते है।

Printers :-

यह एक आउटपुट डिवाइस हैं तथा इसकी सहायता से सूचनाओं को Print Form में लिया जाता हैं। यह एक HardCopy device हैं। इन्हें निम्न प्रकार वर्गीकृत कर सकते हैं।

(1) Impact Printer
(2) Non Impact Printer

(1) Impact Printer :- Type Writer के सिद्धांत पर

बना हुआ Device है जो Ribbon या Paper पर प्रहार

करके अक्षर छापता हैं यह Striking Theory पर काम

करता है।

(2) Non Impact Printer :- ये रीबन पर प्रहार नहीं

करते हैं तथा इनमें रसायनिक inkjet अथवा प्रकाशीय विधि से अक्षर छापता हैं। इनके अलावा Printer को अन्य तीन श्रेणी में रखा गया है।

(1) Character Printer-Character Print करता हैं।

(2) Line Printer – एक बार में एक पूरी लाइन Print

करता हैं।

(3) Page Printer – एक बार में पूरा पेज प्रिन्ट करती हैं।

मुख्य Printer निम्न प्रकार के होते हैं-

Dot Matrix Printers :-

यह एक Impact Printer है तथा यह Character Printer की श्रेणी में आता हैं, इसके Printer Head में अनेक Pins का एक Matrix बनता हैं तथा प्रत्येक Pin के Ribbon व Paper पर स्पर्श से एक डॉट बनता हैं तथा अनेक डॉट मिलकर एक Character या Image बनते हैं।

एक बार में किसी एक Particular Character को Print करने वाली Pins ही Printer Head से बाहर निकलकर डॉट को छापती हैं। कुछ Dot Matrix Printer लाइनों को दाएं से बाएं तथा बाएं से दायें दोनों दिशाओं में प्रिन्ट करने की क्षमता रखते हैं।

इन प्रिन्टर की गति 30 से 600 Character /Second हो सकती हैं। अनेक Dots. मिलकर एक Character बनाता हैं। दोनों तरफ चलने वाले Printer Bi-Directional Printer कहलाते है (Output Devices)

विशेषताएँ –

(1) D.M.P. अधिक महँगें नहीं होते हैं।

(2) इनकी Printing Speed Fast होती हैं।

(3) ये ज्यादा समय तक काम आते हैं।

(4) इनकी पेपर Printing Quality Better नहीं होती हैं।

(5) इनका प्रति पेपर प्रिन्टिंग मूल्य सबसे कम हैं।

(6) इनमें किसी भी प्रकार की आकृति प्रिन्ट की जा सकती हैं।

(7) ये आवाज ज्यादा करते हैं।

(৪) केवल Black & White Printing की जा सकती हैं।

(9) Font की Size Change की जा सकती हैं।

Inkjet Printers:-

यह एक Non-impact Printer हैं तथा Character Printer की श्रेणी में आता हैं। इसमें प्रिन्टिंग के लिए Ink काम में ली जाती हैं जो कि Cartridge में भरी होती हैं। इनमें छोटे-छोटे Nozzels होते हैं जिससे Ink की बूंदों को Spray करके Character व आकृतियां छापी जाती हैं। इसमें एक Megnatic Plate होती हैं जो Ink के direction को decide करती हैं।

विशेषताएं –

1.इस प्रेन्टर का आउटपुट अधिक स्पष्ट होता है।

2.ये आवाज कम करते हैं।

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Laser Printers Output Device :-

लेजर प्रिंटर नॉन इम्पैक्ट पेज प्रिंटर हैं। लेजर प्रिंटर का उपयोग कम्प्युटर सिस्टम में 1970 के दशक से हो रहा हैं। पहले ये मेनफ्रेम कम्प्युटर में प्रयोग किये जाते थे ये प्रिंटर आजकल अधिक लोकप्रिय हैं, क्योंकि ये अपेक्षाकृत अधिक तेज और उच्च क्वालिटी में टैक्स्ट और ग्राफिक्स छापने में सक्षम हैं।

लेजर प्रिंटर पृष्ठ पर आकृति (Images) को जेरोग्राफी (Xerography) तकनीक से छापता हैं। जेरोग्राफी (Xerography) तकनीक का विकास जेरॉक्स (Xerox), मशीन (फोटोकॉपीयर मशीन) के लिये हुआ था। जेरोग्राफी एक फोटोग्राफी जैसी तकनीक है, जिसमें फिल्म, एक आवेशित पदार्थ का लेपन युक्त ड्रम (Drum) होती है यह डुम फोटो संवेदित होता हैं। इसके द्वारा कागज पर आउटपुट को छापा जाता है।

विशेषताएँ –

(1) इनकी Printing Speed सबसे अधिक होती हैं।

(2) इनकी Printing Quality सबसे अच्छी होती हैं।

(3) ज्यादातर Designing में काम आता हैं।

(4) इनकी Printing Cost ज्यादा होती हैं।

(5) Black & White तथा Colour दोनों ही प्रकार की

प्रीन्टिंग की जा सकती हैं।

(6) इनका रख रखाव कठिन हैं।

Thermal Printer Output Device (थर्मल प्रिंटर)

यह प्रिंटर कागज पर अक्षर को प्रिंट करने के लिए ऊष्मा या गर्म तत्वों का प्रयोग करता है। इस प्रिटर में स्याही को पिघलाकर कागज पर प्रिंट किया जाता है। थर्मल प्रिंटर में एक विशेष कागज का प्रयोग किया जाता है Output Device ।

Plotters Output Device ( प्लॉटर ) :-

यह एक Output Device हैं जो Charts Drawing,Maps. 3-D रेखाचित्र, Graph तथा अन्य प्रकार के Hard Copy Print करने के काम में लेते हैं। इसमें Arms होते हैं, जिसमें Pens लगे होते हैं  Output Device वे Arms Move करती हैं तथा जहाँ पेपर लगे होते हैं वहाँ Image Create हो जाती हैं।

ये दो प्रकार के होते हैं-

(1) Flat Bed Plotter

(2) Drum Plotter

(1) Flat Bed Plotter:- इस Plotter में कागज के स्थिर अवस्था में एक बेड (Bed) या ट्रे (Tray) में रखा जाता है।एक भुजा (Arm) पर पेन (Pen) चढ़ा रहता हैं, जो मोटर में कागज पर ऊपर नीचे (Y-अक्ष) और दायें-बायें (X-अक्ष)

गतिशील होता हैं। कम्प्युटर पेन को X-Y अक्ष की दिशाओं में नियंत्रित करता हैं और कागज पर आकृति चित्रित करता हैं।

(2) Drum Plotter :- यह एक ऐसी Output Devices हैं, जिसमें पेन (Pen) प्रयुक्त होते हैं, जो गतिशील होकर कागज की सतह पर आकृति तैयार करते हैं। कागज एक ड्रम पर चढ़ा रहता हैं, जो आगे खिसकता जाता हैं। पेन(Pen) कम्प्युटर द्वारा नियंत्रित होता है। कई पेन प्लॉटरों में फाइबर टिप्ड पेन (Fiber tipped pen) होते हैं।

यदि उच्च क्वालिटी की आवश्यकता हो तो तकनीकी ड्राफ्टिंग पेन (Technical Drafting Pen) प्रयोग किया जाता हैं। पेन (Pen) की गति एक बार में एक इंच (inch) के हजारवें हिस्से के बराबर होती हैं। कई रंगीन प्लॉटरों में चार या चार से अधिक पेन (Pen) होते हैं। प्लॉटर एक सम्पूर्ण चित्र (Drawing) को कुछ इंच प्रति सैकण्ड की दर से प्लाट करता है।

Multimedia Projector:-

यह Video संकेतों को Input के रूप में ग्रहण करता हैं। तथा लैंस का प्रयोग कर Screen पर उसके अनुसार Image को प्रदर्शित करता हैं Output Devices । सभी प्रकार के Projector बहुत ही तेज रोशनी का प्रयोग Image को प्रदर्शित करने में करते हैं। आधुनिक Projectors में Manual Settings के द्वारा Image इत्यादि को सुधारने की क्षमता होती हैं।

1.आजकल इसका प्रयोग Conference तथा Presentation इत्यादि में किया जाता हैं।

स्पीकर (Speaker) –

यह कम्प्यूटर की एक मुख्य Output Devices है जिसके द्वारा कम्प्यूटर की आवाज को या उसमें चल रहे किसी ऑडियो, वीडियो की आवाज को बाहर सुनाया जाता है Output Devices ।

अंतिम शब्द

दोस्तों आशा करता हूं आपको हमारा आजकल आर्टिकल पसंद आया होगा और अगर पसंद आया तो आप उसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें.

By admin

One thought on “Output Device क्या है और कितने प्रकार के होते है”

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